• General

एक अनोखी पहल

Published On: 29 July 2024.By .

तेज़ रफ्तार जिंदगी में अक्सर बचपन की सादगी पीछे छूट जाती है, गर्मी की छुट्टियां सिर्फ दूर की याद बनकर रह जाती हैं। क्या हो अगर वो जादुई लम्हें हम फिर दोहरा पाएं?

जिंदगी की भागदौड़ में, कभी ना खत्म होने वाली मीटिंग्स और टाइमलाइन्स के बीच, बचपन की वो गर्मी की छुट्टियां सिर्फ यादों का एक डिब्बा बनकर रह गयी हैं। । मान लिया था कि अब वो लम्हें वापस नहीं आएंगे, वो सिर्फ पुरानी तस्वीरों और कहानियों में ही सिमट कर रह जाएंगे।

लेकिन, ये तो Auriga है! हम यहां परंपरागत तरीकों से नहीं चलते, हम बदलाव लाने की कोशिश करते हैं, छोटी-छोटी क्रांतियां लाते हैं (क्रांति थोड़ा बड़ा शब्द हो गया क्या, चलो अब जब लिख ही दिया है तो चलेगा!)

इसी सोच के साथ, ये ख्याल आया कि हम स्कूल और कॉलेज लाइफ से तो बहुत कुछ वापस लाते हैं, तो गर्मी की छुट्टियां क्यों नहीं?  तो जून में शुरू की एक पहल, एक लंबा वीकेंड गर्मी की छुट्टी के नाम, जो मौका दे टीम को एक बार फिर उन पुरानी यादों में खो जाने का, वो बेफिक्री दोबारा जीने का।

परिवार एक साथ आए, दोस्ती फिर से जगी, और हर किसी को ज़िंदगी की छोटी-छोटी खुशियों को रोककर महसूस करने का मौका मिला। गर्मियों की छुट्टियों का सार बिल्कुल सही तरीके से बयां हुआ। कुछ पिकनिक पर गए, कुछ ने घर के बने खाने का लुत्फ उठाया, और कई तो बस आराम से धीमी गति का आनंद ले रहे थे। बोर्ड गेम्स में कड़ी टक्कर हुई, वहीं बंटे की बोतलें खुलने की पुरानी आवाज़ ने इस उत्सव के माहौल में चार चाँद लगा दिए।

हां, थोड़ा बहुत मैं भी उन लम्हों को जीना चाहता था! तो मैं भी निकल पड़ा, नानी के घर। ढेर सारे आम खाए, बंटा पिया, पानीपूरी खाई, पंडित जी की कुल्फी खाई, रात में cousins के साथ फिल्म देखी… वो बहुत कुछ किया, जो बचपन में किया करता था।

इस बार की गर्मियों की छुट्टियाँ Auriga के लिए खास रहीं।

ये ज़रूर है कि समय के साथ छुट्टियां लेना मुश्किल हो जाता है। ज़िम्मेदारियां हमें एक दिनचर्या में बांध देती हैं, और हम भूल जाते हैं कि हमारे अंदर अभी भी वो छोटा बच्चा ज़िंदा है। तो क्यों ना उसी बच्चे के लिए ज़िंदगी से थोड़ा समय चुरा लिया जाए? 

ज़िंदगी तो छोटी है, एक ही कहानी में क्यों जिएं? अपनी जगह बनाएं और बस निकल पड़ें। असली जादू तो वहीं है, है ना!

Related content

Stay Close to What We’re Building

Get insights on product engineering, AI, and real-world technology decisions shaping modern businesses.

Divye Tela
Divye Tela
Divye Tela is Co-Founder and CEO of Auriga IT, which he has been building since 2010 after graduating from IIT Roorkee. He leads sales and business strategy across India and Canada, and is also a founder of CygnusAlpha, Auriga's enterprise AI platform.
Go to Top